Kavitabol
Poetry, for Life
सुदामा पाण्डेय 'धूमिल'
उन्होंने जनता और ज़रायमपेशा औरतों के बीच की सरल रेखा को काटकर स्वास्तिक चिन्ह बना लिया है
लेखक: विहाग वैभव
राजकमल प्रकाशन - 2023 - हिन्दी