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बोझ से अपने उस की कमर झुक गई
क़द मगर और कुछ और बढ़ता रहा
ख़ैर-ओ-शर की कोई जंग हो
ज़िंदगी का हो कोई जिहाद
वो हमेशा हुआ सब से पहले शहीद
सब से पहले वो सूली पे चढ़ता रहा
'नयी खेती' प्रख्यात जनकवि रमाशंकर यादव 'विद्रोही' की चर्चित कविताओं का संग्रह है। इस काव्य-संग्रह की रचनाएँ आम जनमानस के संघर्ष, सामाजिक चेतना, समानता और प्रतिरोध के स्वर को बेहद प्रखरता के साथ अभिव्यक्त करती हैं।