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बोझ से अपने उस की कमर झुक गई
क़द मगर और कुछ और बढ़ता रहा
ख़ैर-ओ-शर की कोई जंग हो
ज़िंदगी का हो कोई जिहाद
वो हमेशा हुआ सब से पहले शहीद
सब से पहले वो सूली पे चढ़ता रहा
'ईश्वर और बाज़ार' जसिंता केरकेटा का चर्चित काव्य-संग्रह है, जो वर्ष 2022 में राजकमल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित हुआ। इस संग्रह की कविताएँ समकालीन सामाजिक-राजनीतिक यथार्थ, जल-जंगल-ज़मीन से जुड़े सरोकारों और बाज़ारीकरण के दौर में मानवीय संवेदनाओं को मुखरित करती हैं।