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नेहरू

कैफ़ी आज़मी

बोझ से अपने उस की कमर झुक गई क़द मगर और कुछ और बढ़ता रहा ख़ैर-ओ-शर की कोई जंग हो ज़िंदगी का हो कोई जिहाद वो हमेशा हुआ सब से पहले शहीद सब से पहले वो सूली पे चढ़ता रहा

कुंवर नारायण
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परिचय

कुंवर नारायण

1927–2017Faizabad, Uttar Pradesh, India

कुंवर नारायण (1927–2017) आधुनिक हिंदी साहित्य के मूर्धन्य कवि और विचारक थे। उनकी काव्य-दृष्टि में इतिहास, मिथक और समकालीन मानवीय नियति का गहरा दार्शनिक समन्वय मिलता है।

कविताएँ

कुंवर नारायण की कविताएँ

मैंने कई भाषाओँ में प्यार किया है

कवि: कुंवर नारायण

मैंने कई भाषाओँ में प्यार किया है पहला प्यार ममत्व की तुतलाती मातृभाषा में… कुछ ही वर्ष रही वह जीवन में:

किताबें

कुंवर नारायण की किताबें

अभी कोई किताब सूचीबद्ध नहीं है

इस कवि की कोई किताब अभी अभिलेख में उपलब्ध नहीं है।