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नेहरू

कैफ़ी आज़मी

बोझ से अपने उस की कमर झुक गई क़द मगर और कुछ और बढ़ता रहा ख़ैर-ओ-शर की कोई जंग हो ज़िंदगी का हो कोई जिहाद वो हमेशा हुआ सब से पहले शहीद सब से पहले वो सूली पे चढ़ता रहा

अंकिता रासुरी
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परिचय

अंकिता रासुरी

1991–टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड, भारत

समकालीन हिंदी कवयित्री, आधुनिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कविताओं के लिए चर्चित।

कविताएँ

अंकिता रासुरी की कविताएँ

अनवांटेड 72

कवि: अंकिता रासुरी

‘अनवांटेड 72’ प्रेम के नाम पर रात दिन सड़ती-गलती मेरी ज़िंदगी मेरा शरीर ख़तरनाक स्थिति तक टूटता रहा कंपनियाँ कभी नहीं कहतीं कि यह दवा नहीं एक धीमा ज़हर है

किताबें

अंकिता रासुरी की किताबें

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