अपनी पसंद की कविताएँ खोजें
कविताबोल पर उपलब्ध सभी मनःस्थितियों, विषयों, विधाओं और भाषाओं में से चुनें। सबसे अधिक पढ़े गए विकल्प पहले दिखाई देते हैं।
कैफ़ी आज़मी
बोझ से अपने उस की कमर झुक गई क़द मगर और कुछ और बढ़ता रहा ख़ैर-ओ-शर की कोई जंग हो ज़िंदगी का हो कोई जिहाद वो हमेशा हुआ सब से पहले शहीद सब से पहले वो सूली पे चढ़ता रहा

कविताबोल पर उपलब्ध सभी मनःस्थितियों, विषयों, विधाओं और भाषाओं में से चुनें। सबसे अधिक पढ़े गए विकल्प पहले दिखाई देते हैं।