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नेहरू

कैफ़ी आज़मी

बोझ से अपने उस की कमर झुक गई क़द मगर और कुछ और बढ़ता रहा ख़ैर-ओ-शर की कोई जंग हो ज़िंदगी का हो कोई जिहाद वो हमेशा हुआ सब से पहले शहीद सब से पहले वो सूली पे चढ़ता रहा

नागार्जुन
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परिचय

नागार्जुन

1911–1998Darbhanga, Bihar, India

जनकवि नागार्जुन (वास्तविक नाम: वैद्यनाथ मिश्र) प्रगतिशील काव्यधारा के मूर्धन्य कवि, उपन्यासकार और गद्यकार हैं। उन्होंने हिंदी और मैथिली (यात्री उपनाम से) में युगीन यथार्थ, जन-आकांक्षाओं और राजनीतिक विद्रूपताओं पर अत्यंत प्रखर, तीखी और व्यंग्यात्मक कविताएँ लिखीं। लोक-जीवन से गहरा जुड़ाव उनकी कविताओं की मुख्य विशेषता है।

कविताएँ

नागार्जुन की कविताएँ

बर्बरता की ढाल ठाकरे

कवि: नागार्जुन

बाल ठाकरे ! बाल ठाकरे ! कैसे फ़ासिस्टी प्रभुओं की -- गला रहा है दाल ठाकरे ! अबे सँभल जा, वो पहुँचा बाल ठाकरे !

किताबें

नागार्जुन की किताबें

अभी कोई किताब सूचीबद्ध नहीं है

इस कवि की कोई किताब अभी अभिलेख में उपलब्ध नहीं है।