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नेहरू

कैफ़ी आज़मी

बोझ से अपने उस की कमर झुक गई क़द मगर और कुछ और बढ़ता रहा ख़ैर-ओ-शर की कोई जंग हो ज़िंदगी का हो कोई जिहाद वो हमेशा हुआ सब से पहले शहीद सब से पहले वो सूली पे चढ़ता रहा

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परिचय

कैफ़ी आज़मी

1919–2002Mijwan, Uttar Pradesh, India

कैफ़ी आज़मी (1919–2002) हिंदी और उर्दू साहित्य के एक अत्यंत प्रतिष्ठित प्रगतिशील कवि और गीतकार थे। उन्होंने अपनी रचनाओं में सामाजिक चेतना, रूमानियत और क्रांतिकारी विचारों का अनूठा समन्वय किया। 'आवारा सज्दे' उनका कालजयी काव्य-संग्रह है।

कविताएँ

कैफ़ी आज़मी की कविताएँ

नेहरू

कवि: कैफ़ी आज़मी

बोझ से अपने उस की कमर झुक गई क़द मगर और कुछ और बढ़ता रहा ख़ैर-ओ-शर की कोई जंग हो ज़िंदगी का हो कोई जिहाद वो हमेशा हुआ सब से पहले शहीद सब से पहले वो सूली पे चढ़ता रहा

किताबें

कैफ़ी आज़मी की किताबें

आवारा सज्दे

आवारा सज्दे

लेखक: कैफ़ी आज़मी

लोकभारती प्रकाशन - 2008 - हिन्दी

'आवारा सज्दे' कैफ़ी आज़मी का प्रसिद्ध काव्य-संग्रह है, जो उनकी प्रगतिशील विचारधारा, सामाजिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं को दर्शाता है। इसमें उनकी चुनिंदा नज़्में और ग़ज़लें संकलित हैं।