
आवारा सज्दे
लेखक: कैफ़ी आज़मी
लोकभारती प्रकाशन - 2008 - हिन्दी
'आवारा सज्दे' कैफ़ी आज़मी का प्रसिद्ध काव्य-संग्रह है, जो उनकी प्रगतिशील विचारधारा, सामाजिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं को दर्शाता है। इसमें उनकी चुनिंदा नज़्में और ग़ज़लें संकलित हैं।
कैफ़ी आज़मी
बोझ से अपने उस की कमर झुक गई क़द मगर और कुछ और बढ़ता रहा ख़ैर-ओ-शर की कोई जंग हो ज़िंदगी का हो कोई जिहाद वो हमेशा हुआ सब से पहले शहीद सब से पहले वो सूली पे चढ़ता रहा

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लोकभारती प्रकाशन प्रयागराज स्थित हिंदी साहित्य का एक प्रमुख एवं प्रतिष्ठित प्रकाशन गृह है, जो स्तरीय काव्य, कथा-साहित्य और वैचारिक व आलोचनात्मक कृतियों के प्रकाशन के लिए जाना जाता है।
1 book on Kavitabol
किताबें

लेखक: कैफ़ी आज़मी
लोकभारती प्रकाशन - 2008 - हिन्दी
'आवारा सज्दे' कैफ़ी आज़मी का प्रसिद्ध काव्य-संग्रह है, जो उनकी प्रगतिशील विचारधारा, सामाजिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं को दर्शाता है। इसमें उनकी चुनिंदा नज़्में और ग़ज़लें संकलित हैं।