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बोझ से अपने उस की कमर झुक गई
क़द मगर और कुछ और बढ़ता रहा
ख़ैर-ओ-शर की कोई जंग हो
ज़िंदगी का हो कोई जिहाद
वो हमेशा हुआ सब से पहले शहीद
सब से पहले वो सूली पे चढ़ता रहा
मनीष कुमार यादव द्वारा रचित हिंदी काव्य-संग्रह 'सूखा पेड़ अमर रहे'। इस संग्रह में 'एक कविता दोस्ती पर' जैसी मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों को उकेरती कविताएं शामिल हैं।
खुद को गुवेरा, मुक्तिबोध, मार्क्स
और विद्रोही की कड़ी का हिस्सा मानने वाले ये दोस्त
चाहते हैं दूर रखना अपनी ज़िन्दगी को
विचारधारा और आन्दोलन के साए से भी